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churails

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मैंने लिखना छोड़ ही दिया था लगभग लेकिन कुछ चीज़ें इतनी गहन उतरती की आप मजबूर हो जाते लिखने को और ये रिव्यु भी उसी मजबूर लेखिका और स्त्री ने लिखा है। पाकिस्तानी सीरियल की तारीफें मैंने पहले सी काफी सुन रखी थी ।जब बुआ आती बकरा किश्तों पर है कि वीडियो कैसेट दे जाती पर पापा को कभी ये गवरा न था कि वो पाकिस्तानी सीरियल देखें और उसी के आधार पर मेरा भी कभी मन न हुआ ।मेरी एक मित्र धूप किनारे की बहुत तारीफ करती थी बोलती थी कि अदाकार क्या होते है प्रेम कहानी क्या होती ये धूप किनारे देख कर पता चलता है । मुझे मेरी मातृभूमि के कलाकार ही इतने पासन्द की कभी न मन किया कि कुछ पाकिस्तानी देखूं।एक हफ्ता पहले जी 5 पर स्ट्रीमिंग नाउ चुड़ैलस देख ।imdb रेटिंग देखी बेस्ट थिरिलर लिखा देखा एक एपिसोड देख गयी और देख के यही मुँह से निकला वाह पाकिस्तान में कोई इतनी बेबाकी से बोल्डनेस औरतों की दुर्दशा दिखा सकता है? कहानी शुरू होती करांची के बड़े बिजनेस मैन की बीवी से जिसके पास सब कुछ है तीन बच्चे बहुत प्यार करने वाला पति और अथाह पैसा लेकिन उसे चुभता उसके अंदर का सोया हुआ वकील जो निकाह के नाम पर बच्चों के नाम पर अंदर कही...

धड़क

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"सैराट" शब्द का अर्थ हिंदी में कोई उपयुक्त शब्द नही पर अनियंत्रित या wild या uncontrollable कह सकते । सैराट मतलब वो जो उन्मुक्त हो,स्वत्रंत स्वछंद हो ,बेखौफ हो या सीधे कहे प्रेम में हो। मैं धड़क की बात करूं तो सैराट की बात जरूरी पर सैराट से धड़क की तुलना करूँ ये पाप होगा ।मैं यहां सैराट के अंतिम दृश्य से धड़क को शुरू करूँगी । दृश्य है आर्ची और parshya की हत्या हो चुकी ऑनर किलिंग के चलते ।दोनो के शव पड़े है सब शांत है ।अर्चि parshya का 2साल का बेटा रोते हुए उनके शव के पास जाता है ।उसके नन्हे नन्हे पाँव खून के निशान छोड़ते हुए जारहे है ।मैंने यहां नागराज मंजुले को पढ़ा और ये पढ़ा कि समाज की कुरीतियों के नाम पर हमारी हर पीढ़ी का अंत खून से सना है गर वो उन्मुक्त है । धड़क को मैं सीधे सीधे nepotism का उत्कृष्ट उपहार कहूंगी बॉलीवुड को और दर्शकों के लिए । निर्देशक शशांक खेतान ,खेतान पंखों के खानदान से इधर उधर पढ़ पुढ चले आये सैराट के नाम पर खुद को स्थापित करने ।जहान्वी कपूर , जहान्वी अपनी माँ श्रीदेवी की झलक बिल्कुल नही लाती बल्कि एक अजीब सी खुनस लाती ।जहान्वी को प्लास्टिक सर्जरी की बहुत जर...

कनखजूरा

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 इस दुनिया में जीने का दो ही तरीका बचा है  या तो manipulate हो जाओ या manipulate कर लो…एक तरीके में आपको अपने दिमाग़ सोच समझ सही गलत को भूल कर बस समझौते करने होते है दूसरे तरीके में आप को अपने दिमाग़ को खुद को पहले रख सारे सही गलत समझौते भूलने होते है….. हाँ बशर्ते दोनों में ही आपकी बर्दाश्त करने क़ि हद अच्छी होनी चाहिए I सोनी liv ओरिजिनल कनखजुरा सीरीज़ क़ि कहानी कुछ इसी तरह manipulate होने या manipulate कर जाने पर आधारित है …वैसे ये भी इसराइल ड्रामा “magpie”(2019) का एडॉप्शन है…. एडॉप्शन क्या बोले मुख्य पात्रों के नैन नक्श हेयर कलर, हेयर टाइप तक कॉपी कर लिया (क्या यार भारतीय स्क्रिप्ट राइटर्स आप लोगो ने तो originality का बाप भाई एक कर रखा है ) फिर भी सीरीज अच्छी बन पड़ी….. कहानी गोवा से शुरू होती जहाँ आशु (रोशन मैथयू) 14 साल कि सज़ा काट कर अपने हर तरह से समृद्ध बड़े भाई मैक्स (मोहित रैना )के पास आता है……आशु के लिए मैक्स सब कुछ है पर मैक्स क़ि अपनी दुनिया है जहाँ वो गोवा का नमी बिल्डर है उसकी फॅमिली है जहाँ एक खूबसूरत पत्नी निशा (sarah jane) और एक बेटी है और परिवार के नाम पर दो बहु...

AWE movie

#awe ईश्वर क्या है? कैसा होता होगा उस सर्वोपरि का व्यक्तित्व ? वो कितना असाधारण होगा जो सबके दर्द को समझता होगा ? कितना शांत होगा वो सब के हल के संग? ऐसे एक व्यक्ति की कल्पना कीजिये जो कहीं भी बैठे किसी भी इंसान के दर्द को संमझ रहा सुन रहा और समस्या सबके पास और सबकी समस्या को।सुनना समझना आसान है ? न बिल्कुल नही ये सीधे सीधे मनोरोग कहलायेगा और वो मनोरोगी। खैर ऐसे ही किसी तथ्य और रहस्य जुड़ी एक अद्भुत तेलगु फ़िल्म awe की मैं बात करती । एक मित्र ने मुझे सलाह दी इसे देखने की और अहोभाग्य की मैं इस पर लिखूं तो आवश्यक था कि ये फ़िल्म देखूं और लिखूं। शुक्रिया मित्र,भारतीये सिनेमा के कोहिनूर से रूबरू करने के लिए ।फ़िल्म बहुत उम्दा सब देखें इसकी सलाह सँग मेरी बात Awe का मतलब अन्तरयुद्ध फ़िल्म का दृश्य एक संदेह से भरी स्त्री काली (काजल अग्रवाल) और उसके साथ घूम रही कई और कहानियों सँग शुरू होता है । फ़िल्म शुरू होती है पहली कहानी राधा(esha rebba) और कृष्णा(नित्या मेनन )के लेस्बियन रिलेशनशिप से जहाँ राधा बचपन में यौन शोषण से पीड़ित हो पुरुष से नफरत करते हुए एक लड़की से प्रेम कर बैठती और माता पिता को समझा उस...