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अप्रैल 25, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

स्त्री फ़िल्म समीक्षा

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#stree स्त्री.....स्त्री जो माँ, पत्नी,बेटी,बहु,बहन या एक वैश्या भी होती पर सबसे पहले वो स्त्री होती ।सम्मान ,प्रेम और एक स्थायित्व की भूखी होती है स्त्री। स्त्री फ़िल्म की बात करने से पहले हम "ओ स्त्री कल आना" या नाले बा की बात करते। लोककथा,एक मान्यता या सबसे सटीक एक अंधविश्वास है "ओ स्त्री कल आना"। कर्नाटक और उसके आस पास क्षेत्र में एक प्रथा है कि स्त्री के प्रकोप से बचने के लिए लोग अपने घरों के बाहर लिखते है "नाले बा" कन्नड़ शब्द जिसका अर्थ कल आना ।यहां स्त्री से अर्थ एक काले जादू से भरी स्त्री की आत्मा जो घर के पुरुषों को अपनी अतृप्त इच्छओं हेतु उठा ले जाती उससे बचने को "ओ स्त्री कल आना" लिखते है। अब फ़िल्म पर ........भारतीय सिनेमा में हॉरर फिल्में अपने तरह का हॉरर पैदा करती उस पर गर रामसे brother पर आये तो उनकी फिल्में भय नही जो कामुकता और फूहड़ता पैदा करती कि उससे ये लगता हॉरर फिल्में भारतीये सिनेमा के लिए अभिशाप है और वो भी कॉमेडी हॉरर तो ट्रैन में बंटे अखबार के हालात जैसी होती सिर्फ जूते पोछने के काम आती । ऐसे में एक अंधविश्वास से भरी लोकमान्...

श्रद्धांजलि एक कलाकार को (इरफान खान पुण्यतिथि विशेष )

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" अरे मेरी अँखियों पर मत जा तेरी माँ कहती थी कि आपकी आंखे बड़ी रसीली है" अंग्रेज़ी मीडियम का ये एक दृश्य इरफ़ान के हल्के फुल्के वाले कॉमेडी अंदाज़ में बोले हुए शब्द  लॉक डाउन में भी मैं मुस्कुरा पड़ी और माँ से बोली "अभी इरफ़ान पूरी तरह ठीक न हुए है वरना इस फ़िल्म के लिए मीडिया में जरूर आते और आज ठीक 15 दिन बाद ये सुनती की अब इरफ़ान हमारे बीच कभी नहीं आएंगे । इरफ़ान का TV से फिल्मों तक आने का सफर बहुत कठिन और लंबा था उसी तरह एक एक प्रशंसक के दिल में उनके लिए प्रेम भी उतना गहरा है । मैं इस तरह दुखी इससे पहले जगजीत सिंह जी मृत्यु पर हुई ।इरफान से भी वही रिश्ता था एक फनकार एक अदाकार और मैं और रिश्ता दर्द का । वैसे तो चंद्रकांता सीरियल के सोमनाथ बद्रीनाथ की दोहरी भूमिका में इरफ़ान को जाना पर पहली बार उनको सलाम बॉम्बे में मैंने नोटिस किया।भूमिका थी लेटर राइटर की और उस भूमिका के इरफान की वही बोलती आंखें .......सच अंग्रेज़ी मीडियम का यह डायलाग याद रहेगा "थारी आंखें बड़ी रसीली है" तब गूगल पर किसी अभिनेता को ढूंढा आज के जितना आसान न था इसलिए इरफान की बस आंखें याद और अभिनय फिर मैने इ...