कनखजूरा



 इस दुनिया में जीने का दो ही तरीका बचा है 
या तो manipulate हो जाओ या manipulate कर लो…एक तरीके में आपको अपने दिमाग़ सोच समझ सही गलत को भूल कर बस समझौते करने होते है दूसरे तरीके में आप को अपने दिमाग़ को खुद को पहले रख सारे सही गलत समझौते भूलने होते है….. हाँ बशर्ते दोनों में ही आपकी बर्दाश्त करने क़ि हद अच्छी होनी चाहिए I

सोनी liv ओरिजिनल कनखजुरा सीरीज़ क़ि कहानी कुछ इसी तरह manipulate होने या manipulate कर जाने पर आधारित है …वैसे ये भी इसराइल ड्रामा “magpie”(2019) का एडॉप्शन है…. एडॉप्शन क्या बोले मुख्य पात्रों के नैन नक्श हेयर कलर, हेयर टाइप तक कॉपी कर लिया (क्या यार भारतीय स्क्रिप्ट राइटर्स आप लोगो ने तो originality का बाप भाई एक कर रखा है ) फिर भी सीरीज अच्छी बन पड़ी…..

कहानी गोवा से शुरू होती जहाँ आशु (रोशन मैथयू) 14 साल कि सज़ा काट कर अपने हर तरह से समृद्ध बड़े भाई मैक्स (मोहित रैना )के पास आता है……आशु के लिए मैक्स सब कुछ है पर मैक्स क़ि अपनी दुनिया है जहाँ वो गोवा का नमी बिल्डर है उसकी फॅमिली है जहाँ एक खूबसूरत पत्नी निशा (sarah jane) और एक बेटी है और परिवार के नाम पर दो बहुत भरोसेमंद बचपन के दोस्त pedro(निनद कामत)और शार्दुल (महेश शेट्टी है .... आशु का जेल से वापस आना और मैक्स का उसे अपनाते हुए भी न अपनाना आशु को बहुत दूर कर देता है और यही से शुरू होती बदले , धोखा, साज़िश और टूटने क़ि दास्तां I

सीरीज आम दर्शकों के लिए पहले दो एपिसोड समझ से परे लगेगी क्यूंकि आज का दिन, फ़्लैश बैक और कहीं कहीं सहायक किरदारों को जोड़ने में निर्देशक मात खा गए लेकिन फिर भी सीरीज वो कहते है न slow burn टाइप रोचक होती है जो अंत तक आते दिमाग़ पर छा जाती है Iइसराइल पृष्ठ भूमि क़ि कहानी को गोवा से जोड़ने में निर्देशक सफल रहे बाकी जो काम किया वो बढियाँ अदाकारी ने किया I

रोशन मैथयू……क्या एक्टर है यार…या कहूं क़ि मलायली एक्टर्स इस समय छा रहे तो गलत न होगा…फहाद(trance, pushpa, maalik)Basil Joseph (sukshmdarshini, ponman, marana mass), कालिदास जयराम(paava kadhaigal) सब एक दम अलग हट के उन्ही में शामिल है रोशन….. रोशन को मैंने फहाद संग OTT रिलीज़ “C U SOON” में देखा था…. इसके अलावा रोशन को आप choked, उलझ और darlings में देखे सकते I

आशु के किरदार में रोशन जब एक दोहरे व्यक्तित्व में आते तब उनकी अदाकारी क़ि गहराई दिखती….. आशु को हकलाने क़ि बीमारी है…ये हकलाहट एक तरह का मानसिक आघात है जो तब नज़र आता जब कोई उसका मज़ाक उडाता…सामान्य आशु से बोलने में दिक्क़त वाला आशु का जो transformation को रोशन ने दिखाया वो काबिले तारीफ है……मोहित रैना जैसे दीखते शायद असलियत में अगर कोई मैक्स जैसा इंसान होता तो वो भी ऐसा दिखता…. मैक्स का चरित्र पूरी तरह ग्रे शेड में भी नहीं पर पूरी तरह सकरात्मक भी नहीं वैसा ही मोहित रैना ने अभिनय किया…. sarah jane इस मिथ्य को तोड़ते नज़र आयी है क़ि मॉडल्स सिर्फ शो पीस होती उन्हें एक्टिंग नहीं आती और climax का ट्विस्ट उन्हें दे निर्देशक इसे थोड़ा और बढ़ा दिया………बाकि कलाकारों में नीनाद कामत, उषा कुलकर्णी मराठी थिएटर के मंझे कलाकार तो उनसे शिकायत कैसे हो सकती…..त्रिनेत्र हल्डर एक नया नाम है पर मेड इन हैवन के सीजन 2 में जो इनसे मिल चुके वो इनकी अदाकारी को जानते होंगे……. जो कलाकार आपको निराश करती वो है हीबा शाह…हीबा शाह, नसरुद्दीन शाह क़ि पुत्री है और इसमें गोवा पुलिस क़ि भूमिका मे है…हीबा नयी नहीं बॉलीवुड में पर फिर भी उन्हें अपने facial expression पर बहुत काम करना…. मज़ेदार बात ये क़ि जब मैंने इजराइल सीरीज “magpie” क़ि कास्ट को देखा तो समझ आ गया क़ि हीबा शाह को क्यों लिया गया I

अब सीरीज के नाम पर आती “कनखजुरा”
ऑर्थोपोडा संघ का एक कीड़ा जो अपने कई पैरों और अलग साइज के साथ ना सिर्फ जहरीला डंक मारता बल्कि ये जितना छोटा होता साइज में उतना खतरनाक….. सबसे छोटा कनखजुरा कानो से घुस कर आपके दिमाग़ तक पहुँच जाता और फिर आपको नुक्सान पहुँचाता तो आप सब समझ ही गए होंगे क़ि क्यों इसका नाम कनखजुरा रखा गया?

बाकी इस साल OTT पर आयी तमाम वेब सीरीज में ये काफी प्रभवित करती धीमी शुरुवात पर अंत तक बांधे रखती तो इसे अपनी watchlist में जोड़ लीजिये I

IMdb rating 7.1
OTT sony liv

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