mercury
#mercury मौन सबसे सशक्त चीख है ये फ़िल्म की स्क्रिप्ट को ही नही के ऐसी घटनाओं के दर्द को भी बयान करती जहां कितनी जिंदगियां चुप हो गयी और कोई सुनवाई नही हुई।हर घटना के पीछे एक छोटी सी मानवी भूल ही वजह होती पर सोचिए ये गलती न होती तो कितने लोग हंसते खेलते अपने जीवन में होते । कोडाइकनाल में एक थर्मोमीटर बनाने वाली एक कंपनी एक चूक की वजह से कितने कामगार अपने सामान्य जीवन से दूर हो गए फ़िल्म की स्क्रिप्ट वहीं से निकलती है और फ़िल्म का नाम भी इसी लिए मरक्यूरी रखा गया है । फ़िल्म अप्रैल 2018 रिलीज़ है जिसे साइलेंट फ़िल्म कह प्रमोट किया गया पर ये साइलेंट फ़िल्म नही है क्योंकि साउंड इफ़ेक्ट भरपूर है फ़िल्म में इस लिए ये एक संवाद रहित फ़िल्म है क्योंकि ये एक हॉरर मूवी है इसलिए साउंड इफ़ेक्ट बहुत जरूरी था वरना फ़िल्म बेकार होती।याद होगा आपको अमला कमल हासन अभिनीत पुष्पक एक मूक फ़िल्म थी जिसमे कोई बैकग्राउंड म्यूजिक भी नही था । भारतीय सिनेमा की पहली मूक फ़िल्म राजा हरिश्चन्द्र को मैंने देखा नही इसलिए उसका नही बोल सकती । पांच मूक और बघिर दोस्त एक फॉर्म हाउस पर बहुत दिन बाद मिलते है जिसमे एक जोड़ा भी होता है ।ये प...