nandi hills
18अगस्त को अपने जन्मस्थल प्रयागराज को इसीलिए तजा ताकि घुमककड़ी कि जा सके…अब सब बोलेंगे कि क्या वहाँ कुछ नहीं क्या…. तो होता यूँ हैँ कि घर का खाना चाहे जितना स्वास्थ्य के लिए अच्छा पर रोज़ खा खा क़र बोर हों जाते न तो बस वहीँ यहाँ समझ लो तो जिसने जीवन 40 बसंत सिर्फ एक ही प्रान्त में बिता दिए उसके लिए कोई भी नई जगह "आओ राधा रानी " ही लगती सौभाग्य मिला कि बिटिया नें दक्षिण भारत को शिक्षा के लिए चुना बस यहीं से जिम्मेदारी संग यात्रा आरम्भ का अवसर मिला फिर सब व्यवस्थित करते करते 43दिनों बाद बैंगलोर के नये ठिकाने से मात्र 33km कि दुरी पर स्थित nandi hills जाने का अवसर मिला आते जाते इस कि छवि दिखती हैँ दूर से पर इनके आस पास होने का अवसर आज मिला भारी बारिश में कही जाने का सोचते सोचते कब ड्राइव क़र के चोटी पर पहुँच गए पता न चला……और फिर ऐसा लगा कि हम स्वर्ग में हैँ (dont worry स्वर्गवासी न हुए 🤣🤣🤣) बैंगलोर के बाह्य छेत्र से जुडा chikkaballapur district में nandi hills आता जिसको देखने का सबसे सही समय हैँ सुबह सूर्योदय के समय या सूर्यास्त के समय इसीलिए शायद दो विपरीत दिशा व्यू point भी है...