thereader
#thereader रीडर फ़िल्म को कितनी बार देखा ,कितनी बार लिखूंगी कहा पर कुछ लिख नही पाई वजह कि कुछ कभी इतना गहरा उतरता कि उसके साथ न्याय करने की हिम्मत न हो पाती है। द रीडर के संग मैं दो और भारतीय सिनेमा की फिल्मों का नाम लेना चाहूंगी ,एक तो BA pass दूसरी डर्टी पिक्चर ,वजह the reader फ़िल्म के दृश्य ,शील और अश्लील के बीच का अंतर या ये कहें अश्लील और पवित्र अश्लील के बीच का । हमारी निगाह में सोच में ये भरा है कि यौन संबंध गंदे होते,जंगली होते है और यौन संभंध होते है।36 साल की स्त्री और 15 साल के लड़के के शारीरिक सम्भन्धों के दृश्यों को मैं कभी सही नही कह सकती पर फ़िल्म के स्त्री पात्र ,छायांकन और भूमिका के आधार पर कहती कि आप केट विंसलेट और डेविड क्रोस के वो नग्न दृश्यों के बाद किसी तरह की उतेजना नही महसूस करेंगे जबकि आप डर्टी पिक्चर की विद्या बालन को अनावश्यक रूप से अपने शरीर का भौंडा प्रदर्शन करते हुए देख जरूर करेंगे ।BA pass की शिल्पा का कम उम्र के युवक को seduce करना जितना वाहियात लगा उतनी केट की नग्न देह नही (ये अलग बात है उन पुरुषों की निगाह का कुछ नही किया जा सकता जिनको स्तनपान कराती माँ भ...