आज़ के कलाकार #स्वस्तिका मुख़र्जी

#आजकेकलाकार

#स्वस्तिकामुख़र्जी 

आजकल reel पर एक गाना बहुत चल रहा चाहे सज रही हो या रोटी जला रही या दूकानदार को पका रही हो या पेटीकोट पर साड़ी कैसे पहने ये बता रही पर गाना वहीँ एक

" कोई कैसे सजना को समझाये सजनियाँ के मन में अभी इंकार हैं
जाने बलमा घोड़ी पे क्यों सवार हैं "

गाना कि बुराई न कर रही गाना तो क्लासिक हैं.. मैं बस यहाँ गाना से link निकाल रही 😊

गीत हैं 2022 कि फ़िल्म " कला "का जोकि नेटफ्लिक्स ओरिजनल हैं.... Anvita dutta के निर्देशन से सज़ी ये फ़िल्म साईकोलॉजिकल thriller थी जिससे इरफ़ान खान के बेटे babil नें बॉलीवुड में कदम रखा.... साथ थे मुख्य भूमिका में तृप्ति डिमरी और स्वस्तिका मुख़र्जी

जी.... मुझे बात करनी हैं बांग्ला फिल्मो कि इस कातिल हसीना की उससे ज्यादा एक बहुत ही दमदार अदाकारा की..... नीली आँखों वाली स्वस्तिका, बंगाली फिल्मो के जानेमाने कलाकार शांतु mukhopadhya की बेटी हैं और बांग्ला सिनेमा का जाना माना नाम भी

बांग्ला फिल्मो में स्वस्तिका नें 2004 में entry ली थी और बहुत जल्द 2008 में बॉलीवुड में मुंबई कटिंग फ़िल्म से entry ली पर अफ़सोस इनको ज्यादा पहचान न मिली लेकिन स्वस्तिका बांग्ला फिल्मो में सफलता की सीढीयां चढ़ती रही।

स्वस्तिका की नीली आँखों को और गहरी अदाकारी को 2015 में डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी से पहचान मिली... इस फ़िल्म में वो सुशांत सिंह राजपूत और neeraj काबि के साथ थी.... उसके बहुत नहीं पर धीरे धीरे बॉलीवुड में काम करती रही कभी फिल्मो कभी webseries में......... बदकिस्मती कहें या क्या सुशांत की आख़िरी फ़िल्म दिल बेचारा में स्वस्तिका उनके साथ पर रोल में भिन्नता के साथ..... ब्योमकेश में वो एक बोल्ड actress के किरदार में थी तो दिल बेचारा में कैंसर पीड़िता बेटी की परिपकव माँ के रूप में।

स्वस्तिका अपने कैरियर और लाइफ में भी काफ़ी बोल्ड हैं.... कभी बोल्ड फोटो शूट तो कभी अपनी शार्ट hair स्टाइल या कभी अपने चैलेंजिंग किरदार के चलते बांग्ला मीडिया की highlight रहती हैं पर हैं वो बहुत गहरी कलाकार ।

अभी हाल ही में स्वस्तिका नें दो प्रोजेक्ट से बॉलीवुड में नजर आयी हैं एक तो criminal justice season 3 में pankaj त्रिपाठी और पूरब कोहली के साथ तो दूसरा हैं नेटफ्लिक्स की फ़िल्म कला में

कला फ़िल्म में स्वस्तिका तृप्ति की माँ की भूमिका में हैं जो अपनी बेटी को माँ के प्यार से मरहूम रखती हैं...... शास्त्रीय संगीत घराने से जुडी एक महत्वकांक्षी गायिका व एकहृदय रहित माँ की भूमिका में स्वस्तिका बहुत जंची खास कर अपने काले लिबास और black metal के उस विशिष्ट आभूषणो संग स्वस्तिका बहुत सुन्दर लगी मुझे।

( एक जगह वो लर वाली नथ संग हसुली पहने रहती वहां उनका सौंदर्य... उफ्फ्फ )

स्वस्तिका को उनके आगामी प्रोजेक्ट के लिए ढेरों शुभकामनाएं ❤️

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