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रीडर फ़िल्म को कितनी बार देखा ,कितनी बार लिखूंगी कहा पर कुछ लिख नही पाई वजह कि कुछ कभी इतना गहरा उतरता कि उसके साथ न्याय करने की हिम्मत न हो पाती है।

द रीडर के संग मैं दो और भारतीय सिनेमा की फिल्मों का नाम लेना चाहूंगी ,एक तो BA pass दूसरी डर्टी पिक्चर ,वजह the reader फ़िल्म के दृश्य ,शील और अश्लील के बीच का अंतर या ये कहें अश्लील और पवित्र अश्लील के बीच का । हमारी निगाह में सोच में ये भरा है कि यौन संबंध गंदे होते,जंगली होते है और यौन संभंध होते है।36 साल की स्त्री और 15 साल के लड़के के शारीरिक सम्भन्धों के दृश्यों को मैं कभी सही नही कह सकती पर फ़िल्म के स्त्री पात्र ,छायांकन और भूमिका के आधार पर कहती कि आप केट विंसलेट और डेविड क्रोस के वो नग्न दृश्यों के बाद किसी तरह की उतेजना नही महसूस करेंगे जबकि आप डर्टी पिक्चर की विद्या बालन को अनावश्यक रूप से अपने शरीर का भौंडा प्रदर्शन करते हुए देख जरूर करेंगे ।BA pass की शिल्पा का कम उम्र के युवक को seduce करना जितना वाहियात लगा उतनी केट की नग्न देह नही (ये अलग बात है उन पुरुषों की निगाह का कुछ नही किया जा सकता जिनको स्तनपान कराती माँ भी कामुक लगती )
ये अंतर हॉलीवुड और बॉलीवुड के प्रस्तुति करण का ।

फ़िल्म एक अकेली स्त्री हेंना(केट विंसलेट) की है जो नूस्टैड 1958 में ट्रॉम टिकट चेकर है विषिष्ट हालतों में 15 वर्षीय माइकल( डेविड क्रॉस)से मिलती है ।माइकल उसे उसदिन के लिए धन्यवाद करने आता है ।हेंना हालातो को बना माइकल को अपने प्रति आकर्षित करती है और दोनो में एक सम्बन्ध बन जाता जो शारीरिक भी होता ।हेंना ,माइकल से हर बार मिलने से पहले उसके जर्मन साहित्य की पुस्तकों को पढ़ कर सुनने को बोलती है। संबंध गहरे होते जाते हैं पर अचानक एक दिन अपने पदोन्नति के चलते माइकल से बिना कुछ कहे गायब हो जाती है । माइकल इसे बुरे सपने की तरह सोच आगे बढ़ता है ।वर्ष बीतते माइकल लॉ का स्टूडेंट हो जाता है ।कॉलेज के सभी छात्रों को एक कोर्ट ट्रायल दिखाया जाता है जो की एक चर्च में 300 नर्स के जीवित जलने और उनके दोषी महिला सुरक्षा गार्ड पर है इसका संबंध एक नाज़ी कैम्प शिविर की यातना से भी है ।यहां मुख्य आरोपी के रूप में माइकल हेंना से मिलता है सालों बाद। ट्रायल से माइकल समझ जाता है हेंना का सच की वो पढ़ लिख नही सकती ।ज,हेंना की बेगुनाही के लिए उसकी हैंडराइटिंग मांगता है बतौर सबूत पर हेंना इस डर से की उसका अनपढ़ होने का सच सामने आएगा वो गुनाह कुबूल लेती ।हेंना को आजीवन कारावास होती है और माइकल चाह कर भी उसकी मदद नही कर सकता क्योंकि हेंना मिलने से मना कर देती है।समय बदलता माइकल एक पुरुष (राल्फ फियन्स ) बन गया है।विवाह,पिता और तलाक जैसे अनुभव से गुज़र चुका है ।माइकल हेंना के लिए उसका पसन्दीदा साहित्य पद्व कर रिकॉर्ड कर जेल में भेजना शुरू करता है ताकि वो अकेला न महसूस करे ।हेंना इन रिकॉर्डेड नावेल को सुन ,लिखित नावेल से मिला खुद को साक्षर बनाती है ।हेंना माइकल को चिठियाँ लिखती है बिकुल किसी बच्चों से हैंडराइटिंग संग ।माइकल ,हेंना से मिलने आता है पर बीते दिनों के आधार पर वो हेंना से एक दूरी और घृणा दिखता है ।हेंना के लिए काफी दुखद रहता है।कुछ दिन बाद हेंना के अच्छे कर्म देख जेल उसे रिहा करने वाली है पर हेंना रिहाई से ठीक एक रात पहले साक्षरता के चलते जिस शिविर की वो सुरक्षा गार्ड थी वहां का अनुभव पढ़ती और जेल के बाद के अपने अकेलेपन को समझ आत्महत्या कर लेती है।माइकल के लिए वो एक नोट और कुछ पैसे छोड़ जाती है जिसे वो उस लेखिका की पुत्री को देने को कहती जिसके अनुभव उसने पढ़े और जिसकी एक मात्र जीवित गवाही उस अग्निकांड में उसे आरोपी बनाए थे।
माइकल अंत में अपनी पुत्री को हेंना के कब्र के पास बैठ अपना और हेंना के सम्बन्ध में बताता रहता है और कैमरा far होते होते फ़िल्म का अंत लिखता ।

The reader ,को देखने वालों की अधिकांश निगाह नग्न केट पर थी इसलिए फ़िल्म न्यूडिटी सेक्स में आती है।उन्हें हेंना नही दिखी अकेली अपने निरक्षर होने के सच  को छिपा रोज़ गुमनाम होती ।वो ट्राम में यात्री के टिकट देखती पर शायद उसके अक्षर नही ।फ़िल्म में जहां से हेंना की जेल शुरू होती है वहां से एक ऐसा भावनात्मक तूफान दर्शक के मन छोड़ता जो किसी कामुकता से ज्यादा उफ़ानी है।हेंना का प्रयास अपने प्रेम माइकल के लिए खुद को साक्षर बनाना।उफ्फ मैं इतना रोती हूं the reader के इनदृष्यों पर।मैंने इसे श्याद 4 बार देखा है लिखने के उद्देश्य से पर अब भी मैं इसके संग न्याय कर पा रही ।

केट विंसलेट वो खूबसूरत हैं बेइंतहां खूबसूरत पर देखिएगा वो एक महान अभिनेत्री महान ।फ़्लैश बैक से यंग ,यंग से कैदी हेंना उसकी बॉडी लैंग्वेज मतलब क्या हैं केट हाँ ...इतना बढियां अभिनय तभी उन्होंने अकेडमी अवार्ड जीता इसके लिए। डेविड क्रॉस और रॉल्फ के लिए अपनेअपने उम्र का अभिनय भी बहुत चुनौती भरा था ।डेविड बहुत सहज लगे 36 वर्षीय स्त्री के साथ संबंधों के समय और उतने ही गहन इस स्त्री के प्रेम को उसकी उपस्थिति के बिना जीते हुए। रॉल्फ के लिए तो एक शीर्ष के पत्रकार ने लिखा ही कि रॉल्फ के लिए उड़ास माइकल को जीना पर्दे पर काफी कठिन रहा होगा जबकि वो जान रहे हैं कि उनकी तुलना लेखक के माइकल से होगी ।यहां मैं आपको बता दूं कि the reader बेस्ड है इसी नाम कि नावेल the reader पर जिसको की लिखा है।बर्नाड श्रिंक ने।

अंत में ऊपर जितना भी लिखा सब अधूरा है क्योंकि the redaer खुद में पूर्ण है।रीडर प्रेम के उस रूप को ही दिखाती है जिसको जीने वाले शायद उंगलियों पर भी न हैं।सेकंड हाफ की हेंना को आप नही भूल पाएंगे उसके उतेजक दृश्य उसके नग्न शरीर के कारण नही ।उसके एकाकीपन के कारण ,उसके सच के कारण और उसके साक्षर होने के किये गए प्रयासों के कारण।

अभी भी ये समीक्षा हेंना के जीवन जितनी अधूरी है।

4.5/5

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