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बंद करो बंद करो….. कृपा क़र के स्त्री के प्रति हो रही घरेलू हिंसा को डार्क कॉमेडी में दिखा कर आपराधिक हल न दिखाएँ……कृपा करें



वैसे डार्लिंग्स फ़िल्म का बॉयकॉट ट्विटर पर रेड अंडरवियर के बराबर हो रहा हैँ और ये विरोध स्त्री प्रमुख स्क्रिप्ट में पुरुष पर घरेलू हिंसा को दिखाए जाने के चलते हो रहा हैँ जोकि पक्षपात पूर्ण विरोध हैँ…ज़ब फ़िल्म में माध्यतर के पहले  स्त्री पर हिंसा दिखाया तब ठीक लेकिन माध्यतर के बाद उसी पुरुष को स्त्री कुछ थप्पड़ मार देती तो वो गलत 😡😡😡


कहाँ से लाते ये ट्विटर पर ट्रेंड चलाने वाले दोहरापन?



फ़िल्म कि निर्देशिका का ग्राफ काफ़ी अच्छा नहीं हैँ….2006 कि जॉन कि जिन्दा मूवी कि कहानी को मौत दी,2016 में फाॅर्स 2 को काफ़ी ब्लट  ओपनिंग दी, ऐश्वर्या और राजकुमर राव अभिनीत फन्ने खान तो आज तक अपना अस्तित्व ढूंढ़ रही हैँ…।


फ़िल्म कि कहानी शुरू होती मुंबई के चाल  के जोड़े से बदरूनिशा (आलिया ) और हमजा (विजय वर्मा ) से….. दोनों प्रेम विवाह किये थे चार साल पहले…. और चार साल में दोनों के बीच कुछ बढ़ा हैँ तो मार पीट….. हमजा शराबी और एक तरह का मनोरोगी हैँ जो शयद शराब के नशे से ज्यादा अपने split पर्सनलिटी और शक्की स्वाभाव से प्रेरित हो बदरू को जानवरो सा मारता हैँ….बदरू कि माँ शेखूनिशा (शेफाली छाया) और julfi(रोशन mathew ) के समझाने पर भी बदरू हमजा को न छोड़ती जिसका परिणाम ये आता कि घेरलु हिंसा के चलते बदरू अपना बच्चा खो देती……अब स्क्रिप्ट स्त्री सम्मान स्वभिमान के नाम पर डार्क कॉमेडी कि आड़ में बेवकूफी, फूहड़ता दिखाने लगती हैँ…अंत में बदरू हमजा को छोड़ देती और कर्मा हमजा का दंड तय करता हैँ।



स्त्री स्वाभिमान, स्त्री को अपराध के लिए प्रेरित कर नहीं दिलवाते…. ज़ब जुल्फी बदरू कि तरफ से घरेलू हिंसा कि FIR करता हैँ और पुलिस हमजा को तीन साल कि जेल भेजनें वाली थी तो शिकायत वापस लेने वाली बदरू ही थी…. फिर क्यों आगे चल फ़िल्म को किडनेपिंग मर्डर जैसी राह ले गए?


देखिये या तो गुडलक जैरी कि तरह दिमाग़ को घर रख कर आओ तब देखो वाली डार्क कॉमेडी बनाओ या तो पूरा यथार्थ दिखाओ


ये घरेलू हिंसा जैसे समवेदनशील मुद्दे को आओ बांधा बूंधी खेले करके मत  भटकाओ।


अदाकारी में alia अवश्य निखरी हैँ पर बहुत कुछ नहीं था इसमें alia के लिए…. Alia इस स्क्रिप्ट को तापसी पन्नू के लिए छोड़ देती तो ठीक था। विजय वर्मा और शेफाली के लिए ये फ़िल्म काफ़ी लाभदायक  होगी…. विजय के लिए इस लिए कि alia के अपोजिट थे और शेफाली नें सच में अच्छा अभिनय किया….. अफ़सोस हैँ रोशन के लिए choked के बाद बॉलीवुड में एक और कमजोर फ़िल्म मिली।


गीत संगीत, लोकेशन, फ़िल्मांकन सब साधारण तो कुल मिला कर फ्री का नेटफ्लिक्स सब्सक्रिपशन हैँ तो देख डालो क्यूंकि शायद इसीलिए OTT रिलीज भी हैँ.।



हैँ न डार्लिंग्स जसमीत 😃


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