bhool bhauliyaa 2
समझ में नही आ रहा था कहाँ से शुरू करूँ रिव्यु तो अभी हाल ही मैं हुआ ताज़ा विवाद बॉलीवुड और दक्षिण की फिल्मों की भाषा का मुद्दा याद आया तो सोचा क्यों भूल भूलैया की बात यहीं से शुरू करें।
अब इसके लिए जरूरी की भूल भूलैया की बात करें तो पहली वाली भूल भूलैया किसने बनाई थी ?
प्रियदर्शन ने जोकि 80 के दशक से मलायलम ,तेलगु और तमिल सिनेमा का जानामाना नाम है निर्देशन में ( प्रियदर्शन भूतपूर्व क्रिकेटर भी है जिन्होंने आंख की खराबी के चलते क्रिकेट खेलना छोड़ दिया था )
भूलभुलैया की स्क्रिप्ट कहाँ से आई ?
2007 प्रदर्शित भूल भूलैया 1993 की मलायलम साइकोलोजिकल हॉरर manichitrathazhu की रीमेक थी ।
इस प्लाट को ले खुद दक्षिण भारतीय सिनेमा में 5 से ज्यादा रीमेक बनि और हिट भी हुई तो बॉलीवुड तब बड़ा सफाई से निकल आया कि स्क्रिप्ट अछि थी ,अक्षय और विद्या ने गज़ब एक्टिंग की (ott होता या आदित्य फ़िल्म या goldmine फिल्म्स होते तो पहले ही पोल पट्टी खुल जाती ।)
फिर शुरू हुआ पुरानी हिट फिल्म के नाम भुनाने का दौर यानी सीक्वल बनाना या स्पिन ऑफ़ बनाना या नाम और संगीत को ले शीट करना तो भैया भूल भूलैया को ले अनीस बज़्मी ने भी इसी तरह की घोषणा कर दी ।
शूटिंग शुरू हुई ,कोरोना आया ,शूटिंग बन्द हुई फिर शुरू हई फ़िल्म देर से आई ।अच्छा इन सब का असर स्क्रिप्ट पर पड़ा या पहले से स्क्रिप्ट ढुल मूल थी ये दर्शक तक कब पहुंच पाता ।दर्शक तो कैपिटल C है पुराने नाम ,संगीत और कलाकरों के नाम पर जेब खाली करने को तैयार ।
अब बात करते भूल भूलैया 2 की
स्क्रिप्ट खिचड़ी है ,एक साउथ की हॉरर फिल्म के प्लाट पर बनी जिस पर already बॉलीवुड टट्टी कर चुका ।नाम न लुंगी क्योंकि स्पॉइलर का टैग लग जायेगा पर हम तो ट्रेलर से ही संमझ गए थे कि क्या रहस्य है ?
मैन प्लाटको दो घण्टे खींचने के लिए कियारा और कार्तिक की कहानी भी घुसेड़ दी ताकि नयके नयके चेहरे संग पिक्चर एक दम बासी है वाली फीलिंग न लाये ।
कहानी यूं है कि रीत( कियारा )मेडिकल स्टूडेंट है जोकि अपनी शादी के लिए घर लौट रही और रास्ते में उसे रोहन ( कार्तिक )मिलता .....फ़्लर्ट करते करते कार्तिक कियारा को एक एक्सीडेंट से बचाता पर कियारा के घर वालों तक उसके मरने की खबर पहुंच जाती है और बे सिर पैर की वजह को ले कियारा अपने मरने के खबर को सच करती रहती है कार्तिक संग मिल कर और यहीं उस हवेली में मंजूलिका की आत्मा की उपस्थिति और मृत्यु के रहस्य की कहानी भी बाहर आती है ।
कुल मिलाकर कहानी बहुत सुस्त और बेसिरपैर की है ।
अदाकारी की बात करें तो अनीस बज़्मी ने बोझिल कहानी के चलते तब्बू जैसी अदाकारा की क़ाबलियत को भी दबा दिया मतलब की बॉलीवुड कब समझेगा की हॉरर फिल्म में नायिका को मुल्तानी मिट्टी लगाके बाल खोल कर सिर्फ डराने के लिए नहीं होती है ।इस मामले में पिछली फिल्म मरीन प्रियदर्शन ने विद्या की अदाकारी को अच्छे से उपयोग में लाया था और भूल भूलैया 2 में अनीस इसी बात से चूक गए ।प्लाट भी निखरता गांर अनीस सिर्फ तब्बू के कैरेक्टर को और विस्तार देते तो ।
कार्तिक हैंडसम है एक्टिंग ठीक ठाक कर लेता ।कॉमिक टाइमिंग अछि पर फिर भी उसके लिए वार्निंग है be your self ।कार्तिक भी बॉलीवुड के माइंड जेम में फंस कर कुछ कलाकरों की कॉपी बनते जा रहे ।युनकी ये नीति उन्हें लम्बी रेस का घोड़ा या वर्सटाइल एक्टर के टैग में नहीं डालती तो कार्तिक जरा सावधान हो जाये ।
कियारा तो शो पीस है फ़िल्म में ।उसके करने लायक फ़िल्म में ढंग का रोमेंटिक सांग भी न । sad very sad☹️☹️☹️
अब फ़िल्म की जान तीन तिगड़ी कलाकार की बात करते
संजय मिश्रा, राजपाल यादव और अश्विनी कलसेकर (गोलमाल फेम)
पंडित,छोटा पंडित और पंडित की बीवी इन तीनो की कॉमिक टाइमिंग और उपस्तिथि ने फ़िल्म हॉरर कॉमेडी बनाया वरना तो दर्शक रो देते ।यहां बालकलाकार सामर्थ्य चौहान (पोटलू) की अदाकारी की बात करना भी जरूरी ।कार्तिक और सामर्थ्य के सीन हँसने पर मजबूर कर देते ।
Well done सामर्थ्य
फ़िल्म का गीत संगीत बेकार इस मामले में भूल भूलैया पहली वाली आगे निकल गयी ।पुरानी फ़िल्म का टाइटल ट्रैक का रीमिक्स वर्शन नीरज श्रीधर की आवाज़ में पॉपुलर हो चुका और दूसरा है मेरे ढोलना का हिंदी और बंगाली वर्जन ही सुनने लायक बाकी नए गीत दे ताली और हम नशे में है तो लगता है नशा करके ही बनाया गया है ।
फ़िल्म की सिनेमेटोग्राफी काफी अच्छी जबकिं आश्चर्य की फ़िल्म की अधिकांश शूटिंग लखनऊ में हुई बाकी मुम्बई मानंली में पर लगा कि पूरी फिल्म जयपुर में शूट हुई किसी किले में ।
अंत में भाषायी विवाद तो भाई बॉलीवुड अकड़ किस बात की पहली भूल भूलैया भी साउथ की फ़िल्म का रीमेक थी और साउथ के ही डाइरेक्टर ने बनाया इस लिए अछि निकल गयी
दूसरी भी साउथ की फ़िल्म के प्लाट पर बनी बस डाइरेक्टर बॉलीवुड का इसलिए आधी OH SHIT हो गयी ( हालांकि अनीस बज़्मी के निर्देशन में हम लोग खूब हंस चुके no एंटरी और वेलकम जैसी फिल्मों संग पर लगता कि बॉलीवुड की क्रिएटिविटी को कोई तो दिमागी कीड़ा खा रहा है या खा चुका है )
एक बार देखने लायक है मर्ज़ी है तो देख आओ और अगर अच्छे खुरापाती हो तो भूल भूलैया 3 के प्लाट का हिंट भी है इसमें ।ढूंढ कर बताओ कमेंट सेक्शन में
3/5
टिप्पणियाँ
बहुत ही अच्छी समीक्षा लिखी ।
बधाई