atrangi re
#atrangi re
पहला वाक्य फ़िल्म के खत्म होत्ते ही जो जेहन में आया वो ये था
"जब कुछ न बन सका तो तमाशा बना दिया"
अतरंगी रे फ़िल्म के साथ वही किया जो सेवन स्टार होटल करते अछि अच्छी सामग्री के बाद बहुत मेहनत दिखा थोड़ी सी डिश प्लेट में सर्व करते जिसे खा कर एक मिडिल क्लास यही बोलता" अबे ये तो लल्लन हलवाई का समोसा है जिसमे बस उसकी गंदी लुंगी का स्वाद नहीं है ।"
धनुष,अक्षय ,ए आर रहमान इरशाद कामिल को ले कर भी वो कुछ न कर सके ।सैड भैरी सैड 😒😒😒
स्क्रिप्ट स्वामी,वो सात दिन ,हम दिल दे चुके सनम वाली है जिसे नया कुछ करने के नाम पर अतरंगी बना दिया जैसे दूल्हे को नए फैशन के नाम पर जोकर की वेशभूषा दे दो ।
फ़िल्म बिहार की पकड़ा शादी से शुरू जिसमे रिंकू सूर्यवंशी (सारा अली खान) 24वर्ष की होते होते 21 बार घर से भाग चुकी है वो भी एक अज्ञात प्रेमी के साथ।यहां intro में रिंकू अपने सरनेम को एक्सप्लेन करते हुए टूटी फूटी इंग्लिश में बताती है कि वो राजा राम की वंशज है ।
इसका यहाँ क्या काम भाई?🤔🤔🤔
खैर ,21 बार भागी रिंकू की नानी (सीमा बिस्वास) अज्ञात प्रेमी से पीछा छुड़ाने के लिए पकड़ा शादी यानी किडनैप कर शादी चेन्नई के विष्णु अय्यर(धनुष )से करवा देती ।अब ये निर्देशक की जिम्मेदारी नही की चेन्नई का विशु जो दिल्ली में MBBS का फाइनल ईयर स्टूडेंट है सिवान में क्या कर रहा था ? चलो सिवान पहुंचे तो पहुंचे लेकिन वहां भी लैंड लाइन फ़ोन के पोल पर चढ़ कटिया मार अपनी प्रेमिका से फ़ोन पर बात कर रहा था,क्यों भाई ?🤔🤔🤔
रिंकू और विशू पहली बार तो तय कर लेते की न भैया ये शादी न चाहिए लेकिन जब विशू की सगाई टूट जाती तो समझते कि अभी तलाक बाकी है पर तभी रिंकू का अज्ञात प्रेमी लव जिहाद के तड़के संग सज्जाद अली (अक्षय कुमार) बन सामने आता जोकि पेशे से जादूगर है।अब मैं सज्जाद अली को समझाती हूँ।सज्जाद अली है पर नही है वो है बिल्कुल गूलर के फूल जैसा ,बिल्ली के खेड़ी जैसा यानी कि है पर सबको नहीं दिखता पर जिनको दिखता उनकी किस्मत 😂😂😂😂
यहां से रिंकू का कंफ्यूजन शुरू होता और दर्शकों का बाल नोंचना शुरू होता यूं कहें कि सज्जाद के आते ही फ़िल्म की स्क्रिप्ट और आनंद एल राय की खूबी गयाब हो जाती है । आनद एल राय स्वामी फ़िल्म को रांझणा का टच दे कर तनु वेड्स मनु की उछल कूद के साथ दिखाना चाहते थे इसलिए जो परिणाम आये उसके समीकरण कुछ ऐसे थे
"When swami movie script meets ranjhanaa's script and reaction goes both direction then anand L rai found "atrangi re" (क्षमा मेरी अंग्रेज़ी भी रिंकू जी जैसी है)
मुझे समझ नही आता है कि बॉलीवुड डाइरेक्टर्स को ये क्यों लगता है कि प्रेम में त्रिकोण का होना आवश्यक है जबकिं विवेक ओबेरॉय बता चुके है कि खुद प्रेम में ही सौ उलझने है प्यार मत करना 😂😂😂😂
प्रेम कहानी में प्रांतवाद,जाति वाद ,लव जेहाद और राजनीतिक गतिविधियों पर व्यंग सब आ गया बस नहीं था नायक नायिका के बीच प्रेम …..मिसिंग था एकदम ही।फ़िल्म में कुछ अच्छा लिया तो वो था एक अनाथ लड़की का अपने प्रेमी में पिता को ढूंढना सुरक्षा के लिए ।इस एक छोटी सी मानसिक स्तिथि को ले अगर प्रेम त्रिकोण की जगह एक मन से डरी अकेली लड़की की प्रेम को न अपना पाने की जदोजहद दिखाते तो ज्यादा अच्छी हो ती अतरंगी रे ।
रांझणा फ़िल्म की सफलता के सूत्र डालने के चक्कर में आंनद एल राय इतना डूबे थे कि रहमान से भी दबाव में काम करवाया यानी फ़िल्म का संगीत भी रांझणा फ़िल्म के संगीत से प्रेरित लगा । इरशाद कामिल के बोल,अरिजीत की आवाज़ और रहमान की धुन जो दिल में उतरती है तो वो है बस "रेत जरा सी "गीत ।कर्ण प्रिय ...ऐसा की थोड़ा तो आंख नम हो जाती है।
अदाकारी …..हम्म …..
पहले ही बोल चुकी की अच्छी आलू ,धनिया घी तेल के बाद भी समोसा स्वादिष्ट न बना यानी धनुष जैसे कलाकार को भी आनंद एल राय पूरी तरह से नही ले पाये ।कितना जान डालेगा धनुष अकेले किरदार में ,फ़िल्म में या कहानी में ।
सारा अली खान केदारनाथ में भी ऐसे ही थी ,लव आजकल 2 में भी और अतरंगी रे में भी वैसे ही है।
चाहे जितनी तारीफ कर लो पर है ये नेपोटिसम की शिट ही।
अक्षय की उपस्तिथि फ़िल्म को बोझल ही करती है न कि और अच्छी।हाँ सहकलाकार के रूप में विशू के दोस्त डॉक्टर मधुसूदन यानी आशीष वर्मा के रोल को और बड़ा कर देते तो फ़िल्म थोड़ा कॉमेडी में ही चली जाती ।आशीष को आप गुड़गांव फ़िल्म में देख चुके है और सोनी liv OTT पर इनकी मुख्य भूमिका संग व्यापम घोटाले पर बनी whistle blower आयी है जो हर हाल में देखने लायक है।
अंत में आनंद एल राय भैया भारत के नक्शे की बात करो या महान हस्तियों रखो ….कोई भी भारतीय कहि से भी निचले स्तर का आदमी कहलाने लायक वजूद नही रखता है या यूं कहूँ की व्यंग करना है तो लिखने का दम लाओ जबरन के मुद्दे को लेकर उसे व्यंग न बनाओ समझे कि नहीं।
अंत में एक और …...बीवी पागल मिल जाये तो तलाक की सौ वजह देंगे लेकिन फ़िल्म में पागल प्रेमिका को पाने के लिए सौ ठो कर्म करेंगे ।
कुछ तो अच्छा परोसो बॉलीवुड वालों 🙏🙏
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