game over
#gameover
गेम ओवर की कहानी से पहले एक मेढक की कहानी सुनाऊँगी ।दो मेढक दूध के पतीले में गिर गए दीवारें चिकनी होने की वजह से दोनो प्रयास के बाद भी नही निकल पा रहे ।पहला मेढक हार मान कर सांस छोड़ कर दूध में डूब कर मर गया वही दूसरा मेढक लगातार हाथ पांव मारता रहा नतीजा ये हुआ कि उसके प्रयासों दूध मथ गया और झाग के सहारे वो ऊपर आ बच गया ।
सार ये की जिंदगी एक बार मिलती और कभी कभी खुद को उबारने के मौके भी एक बार ही मिलते ।तब इस दुनिया में कोई दूसरा आपका ख़ुदा नही होता आप खुद के ख़ुदा होते हैं।
गर ये कहूँ कि मराठी सिनेमा की तरह तेलगु सिनेमा भी बहुत कुछ अलग कर रहा तो गलत नही होगा या शायद ये पहले से ही स्तर लिए हुए था जिसे नेटफ्लिक्स और प्राइम जैसे प्लेटफार्म ने एक पहुंच दी है ।तेलगु और तमिल सिनेमा में भी एक से एक स्क्रिप्ट देखने को मिलती है ।
Game over ऐसी ही फ़िल्म है जो आपको सिनेमा घर में अपनी कुर्सी से बांध देती है आप नाखून चबाते हुए अब क्या होगा कहते रहते।मुझे ये अफसोस हुआ कि इसे फ़ोन पर देखा नाकि सिनेमा हॉल में 😔😔😔😔
फ़िल्म एक साथ कई विसंगतियों को लेकर चलती एकल नायिका संग यूँ कहे फ़िल्म नायिका प्रधान है तो एक दम सही कहा बोलेंगे आप।
स्वप्ना नकि सपना (तापसी पन्नू )(तमिल तेलगु कन्नड़ मलयाली में स्वप्ना ही उच्चारित होगा) एक कंप्यूटर प्रोग्रामर है जो कंप्यूटर गेम्स की कोडिंग करती ।स्वप्ना का एक अतीत जिसके चलते वो एक तरह के फोबिया से पीड़ित हो जाती जिसमे वो अंधेरे से डरती है ।स्वप्ना रेप पीड़िता है और इस घटना की वजह से वो अपने माँ पिता से अलग कल्ला अम्मा (विनोदिनी) के संग रहती ।अपने अतीत से लड़ते लड़ते स्वप्ना अवसाद के अंतिम स्तर की मरीज हो जाती जहाँ उसे आत्महत्या ही हल लगता ।इसी समय गुरुग्राम में युवतियों की सर काट हत्या करने वाला सीरियल किलर सक्रिय होता है जिसका अगला शिकार स्वप्ना होती है पर किंस तरह एक पूर्व हत्या का एक रहस्य और स्वप्ना से जुड़ा एक सच (जिससे वो पीछा छुड़ाना चाहती थी) उसे अपनी रक्षा करने का साहस देते है और अपने अतीत से बाहर निकलने की शक्ति ये देखने लायक है।
फ़िल्म थ्रिलर की केटेगरी में आती है और ये थ्रिलर से ऊपर वाली फिल्म है यानी कि स्क्रिप्ट भी एक कंप्यूटर गेम जैसी की दर्शक हिंट भी पाते ,लाइफलाइन भी फिर भी अंत तय नही कर पाते । मुझे ऐसी थ्रिलर अछि लगती जहां काले कोट वाला रहस्यमयी करैक्टर तो होता पर ये जानने से ज्यादा की वो कौन है रहस्य कुछ और उभरता ।
एक दृश्य बस बताती कि तापसी लाइफ लाइन वन में जब खिड़की से पर्दा हटा देखती रहती और ......
मैं और मेरी बेटी हाल में होते तो चीख मार देते ।वैसे घर में भी चीख कर मोबाइल छोड़ दिये थे 😂😂😂😂😂
फ़िल्म की कहानी अश्विन saravanan ने काव्य के सहयोग से लिखी है और डायरेक्टर भी अश्विन ही है ।
फ़िल्म के प्रोड्यूसर नही प्रेजेंटर अनुराग कश्यप है (अच्छी मास्टर पीस स्क्रिप्ट मिली अनुराग को) ..गीत संगीत की कोई भूमिका नही पर बैकग्राउंड म्यूजिक रों ethan ला फ़िल्म के रोमांच को बढ़ाता है ।
Last but not least तापसी पन्नू का दमदार अभिनय की सिर्फ एक नायिका ही पूरी फिल्म में है और तापसी ने अवसाद पीड़ित रेप विक्टिम के चरित्र को दमदार तरीके से निभा फ़िल्म की स्क्रिप्ट को कंपलीट किया ।
फ़िल्म जून 2019 प्रदर्शित है जो तेलगु और तमिल भाषा में थी ।नेटफ्लिक्स ने हिंदी प्रेमियों के लिए डबिंग संग स्ट्रीम कर हमें तृप्त किया।
तो नेटफ्लिक्स सब्सक्राइबर आज ही देखें गेम ओवर
4.5/5
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