बेला का शहर

  
   
  

बेला का शहर

ये शामिल है .........मेरे यादों में,

इसे अल्लाहाबाद नहीं बेला का शहर कहूं ,

संगम कहूं या बिछडी हुई नावों का मनज़र कहूं .....

तेरे पावन किनारे कहूं या ,,,या हांथों से से सरकती रेत कहूं ........

गुन गुनी धुप कहूं .....या आखों से ओझल होती शाम .................

आबादी के शोर में गुम होता मेरा बरबादियों का शोर कहूं ................,

तू बता ए शहर तुझे में क्या कहूं ,

दिलों का संगम कहूं या मेरी बेला का शहर कहूं ........

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

thereader

लुटेरा

कनखजूरा